(Planning and Organization of Teaching–Learning : Instructional Material and Resources)
1. भूमिका (Introduction)
प्रभावी शिक्षण–अधिगम केवल पाठ्यवस्तु के ज्ञान से संभव नहीं होता, बल्कि उसके लिए उचित योजना, सुव्यवस्थित संगठन तथा उपयुक्त शिक्षण सामग्री एवं संसाधनों का चयन अत्यंत आवश्यक है।
KVS Teacher’s Diary और NEP-2020 इस बात पर बल देती है कि शिक्षण सामग्री योग्यता (Competency) प्राप्ति में सहायक होनी चाहिए, न कि केवल सहायक उपकरण के रूप में प्रयुक्त।
2. शिक्षण सामग्री एवं संसाधनों की अवधारणा
शिक्षण सामग्री (Instructional Material) वे सभी साधन हैं, जिनकी सहायता से शिक्षक अवधारणाओं को सरल, स्पष्ट एवं प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों तक पहुँचाता है।
शैक्षणिक संसाधन (Resources) वे भौतिक, डिजिटल या मानवीय साधन हैं, जो शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया को सशक्त बनाते हैं।
👉 इनका उद्देश्य है—
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सीखने को दृश्य, अनुभवात्मक और स्थायी बनाना
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विद्यार्थी की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना
3. शिक्षण–अधिगम की योजना में संसाधनों का महत्व
सुव्यवस्थित योजना में संसाधनों की भूमिका—
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अमूर्त अवधारणाओं को मूर्त रूप देना
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विविध अधिगम शैलियों (श्रवण, दृश्य, क्रियात्मक) को संबोधित करना
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योग्यता-आधारित अधिगम को सशक्त बनाना
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रटंत अधिगम के स्थान पर समझ आधारित अधिगम को बढ़ावा देना
4. शिक्षण सामग्री एवं संसाधनों के प्रकार
A. भौतिक संसाधन (Physical Resources)
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चार्ट, पोस्टर, फ्लैश कार्ड
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मॉडल, नक्शे, ग्लोब
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खिलौना-आधारित सामग्री (Toy-Based Learning)
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कार्यपत्रक (Worksheets)
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स्थानीय एवं दैनिक जीवन की वस्तुएँ
महत्व:
प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर अवधारणाओं को ठोस एवं समझने योग्य बनाते हैं।
B. डिजिटल संसाधन (Digital Resources)
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DIKSHA पोर्टल की ई-सामग्री
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शैक्षणिक वीडियो, ऑडियो
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PPT, एनिमेशन
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वर्चुअल लैब, ऑनलाइन क्विज़
महत्व:
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सीखने को रोचक एवं इंटरैक्टिव बनाते हैं
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आत्म-गति (Self-paced Learning) को बढ़ावा देते हैं
C. मानवीय संसाधन (Human Resources)
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शिक्षक
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सहपाठी
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समुदाय के सदस्य
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अभिभावक
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स्थानीय विशेषज्ञ
महत्व:
विद्यालय को समुदाय से जोड़ते हैं और जीवनोपयोगी अधिगम को बढ़ावा देते हैं।
5. संसाधनों के चयन के सिद्धांत
KVS Teacher’s Diary के अनुसार संसाधन—
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योग्यता एवं अधिगम प्रतिफल से जुड़े हों
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आयु एवं कक्षा स्तर के अनुकूल हों
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स्थानीय संदर्भ से जुड़े हों
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सरल, सुरक्षित और सुलभ हों
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केवल सजावटी न होकर शैक्षणिक उद्देश्यपूर्ण हों
6. शिक्षण–अधिगम संगठन में संसाधनों की भूमिका
संसाधनों के उचित संगठन से—
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कक्षा में समय प्रबंधन बेहतर होता है
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गतिविधि-आधारित अधिगम संभव होता है
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समूह कार्य, परियोजना कार्य को बढ़ावा मिलता है
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शिक्षक Facilitator की भूमिका निभा पाता है
7. योग्यता-आधारित शिक्षण में संसाधनों का उपयोग
Competency-Based Teaching में संसाधन—
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अवधारणा की समझ को प्रमाणित करते हैं
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विद्यार्थी के प्रदर्शन (Performance) का साक्ष्य देते हैं
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मूल्यांकन को सतत और प्राकृतिक बनाते हैं
उदाहरण:
गणित में माप की अवधारणा → माप उपकरण
EVS में जल संरक्षण → स्थानीय उदाहरण व मॉडल
8. संसाधनों से जुड़ा मूल्यांकन
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गतिविधि आधारित मूल्यांकन
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अवलोकन एवं मौखिक प्रश्न
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कार्य निष्पादन (Task Performance)
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परियोजना एवं प्रस्तुतीकरण
👉 मूल्यांकन का फोकस अंकों पर नहीं, अधिगम के प्रमाण पर होता है।
9. निष्कर्ष (Conclusion)
शिक्षण–अधिगम की प्रभावी योजना और संगठन में शिक्षण सामग्री एवं संसाधन—
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अधिगम को आनंददायक, प्रभावी एवं स्थायी बनाते हैं
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योग्यता-आधारित शिक्षा को साकार करते हैं
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शिक्षक को योजनाकार और मार्गदर्शक के रूप में सशक्त बनाते हैं
NEP-2020 और KVS Teacher’s Diary के अनुसार,
उचित संसाधन चयन और उनका सार्थक उपयोग ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कुंजी है।
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